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गृह प्रवेश मुहूर्त 2021 | Griha Pravesh Muhurat 2021 Dates & Timings

Last Updated: 5/28/2020 11:25:11 AM

गृह प्रवेश मुहूर्त 2021 (Griha Pravesh Muhurat 2021) की मदद से हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि, यदि आप अपने नए घर में प्रवेश करने का सोच रहे हैं तो, आपके लिए वर्ष 2021 में कौन सा शुभ मुहूर्त रहेगा सबसे उत्तम? हमारे इस लेख में आपको आपके नए घर में प्रवेश के मुहूर्त के साथ-साथ पुराने घर प्रवेश के मुहूर्तों की भी जानकारी दी जा रही है। ऐसे में यदि आप अपने घर के लिए गृह प्रवेश मुहूर्त की तलाश कर रहे हैं तो, हमारा ये लेख आपके लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होगा। चलिए अब नीचे दी गई सूची में जानिए वर्ष 2021 के पूरे साल के सभी गृह प्रवेश मुहूर्त।

गृह प्रवेश मुहूर्त 2021

गृह प्रवेश मुहूर्त 2021

हिन्दू पंचांग अनुसार, वर्ष 2021 में गुरु अस्त दोष 17 जनवरी से शुरू होकर, 14 फरवरी तक रहेगा। इसके साथ ही शुक्र भी 8 फरवरी से अस्त होगा, जो 12 अप्रैल तक अस्त ही रहेगा। ऐसे में गुरु अस्त दोष और शुक्र अस्त दोष के चलते वर्ष 2021 में गृह प्रवेश के लिए इसी अनुसार शुभ मुहूर्त की गणना की जा रही है।

जनवरी गृह प्रवेश मुहूर्त 2021
दिनांक वार मुहूर्त की समयावधि
09 जनवरी, 2021 शनिवार 12:33:00 बजे से, 19:19:20 बजे तक
मई गृह प्रवेश मुहूर्त 2021
दिनांक वार मुहूर्त की समयावधि
13 मई, 2021 गुरुवार 05:31:32 बजे से, 29:31:32 बजे तक
14 मई, 2021 शुक्रवार 05:30:54 बजे से, 29:30:54 बजे तक
21 मई, 2021 शुक्रवार 15:23:24 बजे से, 29:27:07 बजे तक
22 मई, 2021 शनिवार 05:26:39 बजे से, 14:06:43 बजे तक
24 मई, 2021 सोमवार 05:25:50 बजे से, 09:50:08 बजे तक
26 मई, 2021 बुधवार 16:45:35 बजे से, 25:16:10 बजे तक
जून गृह प्रवेश मुहूर्त 2021
दिनांक वार मुहूर्त की समयावधि
04 जून, 2021 शुक्रवार 05:22:47 बजे से, 29:22:47 बजे तक
05 जून, 2021 शनिवार 05:22:39 बजे से, 23:28:20 बजे तक
10 जून, 2021 गुरुवार 16:24:10 बजे से, 29:22:16 बजे तक
11 जून, 2021 शुक्रवार 05:22:16 बजे से, 14:30:41 बजे तक
19 जून, 2021 शनिवार 20:29:09 बजे से, 29:22:58 बजे तक
26 जून, 2021 शनिवार 05:24:33 बजे से, 26:36:47 बजे तक
जुलाई गृह प्रवेश मुहूर्त 2021
दिनांक वार मुहूर्त की समयावधि
01 जुलाई, 2021 गुरुवार 05:26:13 बजे से, 14:04:18 बजे तक
07 जुलाई, 2021 बुधवार 05:28:38 बजे से, 27:23:00 बजे तक
नवंबर गृह प्रवेश मुहूर्त 2021
दिनांक वार मुहूर्त की समयावधि
05 नवंबर, 2021 शुक्रवार 26:23:52 बजे से, 30:35:07 बजे तक
06 नवंबर, 2021 शनिवार 06:35:52 बजे से, 23:39:39 बजे तक
10 नवंबर, 2021 बुधवार 08:26:59 बजे से, 15:41:47 बजे तक
20 नवंबर, 2021 शनिवार 06:46:45 बजे से, 30:46:45 बजे तक
29 नवंबर, 2021 सोमवार 06:53:53 बजे से, 21:42:40 बजे तक
दिसंबर गृह प्रवेश मुहूर्त 2021
दिनांक वार मुहूर्त की समयावधि
13 दिसंबर, 2021 सोमवार 07:04:06 बजे से, 26:05:48 बजे तक
31 दिसंबर, 2021 शुक्रवार 10:42:03 बजे से, 22:04:40 बजे तक

नोट: ऊपर दिए गए गृह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त 2021 की सूची नवीन गृह प्रवेश एवं पुराने गृह प्रवेश दोनों ही संस्कारों के लिए उपयोगी हैं।

रोटी-कपड़ा-मकान आज दुनिया का हर व्यक्ति इन्ही की चाहत में रोज़ाना जद्दोजहद करता दिखाई देता है। ऐसे में अपना खुद का मकान बनाना हर व्यक्ति का सपना होता है, जिसमें वो अपना संसार बनाकर अपना जीवन व्यतीत करना चाहता है। अपने इसी सपने को पूरा करने के लिए हम दिन-रात कड़ी मेहनत और कठोर परिश्रम करते हैं, तब जाकर कही अपने लिए एक छोटे से घर के निर्माण को कर पाते हैं, जिसमें फिर हमारी एक छोटी सी दुनिया बसती है। घर का निर्माण करने के बाद सबसे ज़रूरी कार्य होता है गृह प्रवेश जिसे शुभ मुहूर्त अनुसार किया जाना अनिवार्य होता है। शुभ मुहूर्त अनुसार गृह प्रवेश, दिन, तिथि, वार एवं नक्षत्रों को ध्यान में रखते हुए ही किया जाता है। क्योंकि हिन्दू धर्म अनुसार, माना जाता है कि सही समय और पूरे विधि-विधान के साथ किया गया गृह प्रवेश सदैव घर में शांति,समृद्धि और खुशहाली लाने में मदद करता है।

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गृह प्रवेश के प्रकार

ज्योतिष शास्त्र अनुसार किसी भी नए घर में रहने या प्रवेश करने से पहले उस घर के लिए की जाने वाली पूजा-अर्चना को ही हिन्दू धर्म में गृह प्रवेश संस्कार कहा जाता है। वहीं अगर वास्तु शास्त्र की बात करें तो उसमें गृह प्रवेश तीन प्रकार के होते हैं:-

  1. अपूर्व: अपूर्व गृह प्रवेश के दौरान, व्यक्ति पहली बार बिलकुल नव निर्मित भवन में रहने जाता है।

  2. सपूर्व: सपूर्व गृह प्रवेश के दौरान, हम अपने उस घर को जिसमें हम पहले तो रहते थे, लेकिन बाद में किसी भी कारणवश उसे खाली छोड़ देते हैं, और अब पुनः दोबारा उसी घर में रहने जाने का निर्णय लेते हैं।

  3. द्वान्धव: द्वान्धव गृह प्रवेश में, हम किसी परेशानी या आपदा के कारण अपने घर को मजबूरी में छोड़ देते हैं और फिर अब दोबारा उसमें प्रवेश करने के लिए पूरे रीती-रिवाज अनुसार पूजा करते हैं।

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गृह प्रवेश 2021: शुभ मुहूर्त का महत्व

सभी 16 संस्कारों में से गृह प्रवेश सभी अहम संस्कारों में से एक है, इसलिए इसे सही मुहूर्त अनुसार ही किया जाना अनिवार्य होता है। इसके मुहूर्त की गणना के लिए किसी विद्वान पंडित या ज्योतिषी का परामर्श ज़रूर लिया जाना चाहिए। इस दौरान पुरोहित पंचांग को देखकर तिथि, नक्षत्र और ग्रहों का सही आकलन कर आपके लिए गृह प्रवेश मुहूर्त को सुनिश्चित करते हैं।

  • हिन्दू पंचांग में, माना जाता है कि माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ माह में किया जाने वाला गृह प्रवेश संस्कार बेहद शुभ होता है। जबकि चातुर्मास यानि आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद और आश्विन माह में किसी भी तरह का गृह प्रवेश नहीं करना चाहिए क्योंकि हिन्दू धर्म में इस समय मांगलिक कार्य करना वर्जित माना जाता है। इसके साथ ही पौष मास भी गृह प्रवेश के लिए शुभ समय नहीं माना गया है।

  • वार और दिन को देखें तो, उसमें विशेष रूप से मंगलवार के दिन, गृह प्रवेश करना वर्जित होता है। साथ ही कई बार विशेष परिस्थितियों में, रविवार और शनिवार का दिन भी गृह प्रवेश संस्कार के लिए अशुभ माना गया है। इसके अलावा आप हफ्ते के बाकी शेष किसी भी दिन अपनी सुविधा अनुसार गृह प्रवेश संस्कार आयोजित कर सकते हैं।

  • तिथियों को देखें तो, किसी भी पक्ष की अमावस्या व पूर्णिमा तिथि गृह प्रवेश संस्कार के लिए अशुभ, जबकि शुक्ल पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी और त्रयोदशी तिथि गृह प्रवेश के लिए सबसे उत्तम मानी जाती हैं।

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गृह प्रवेश 2021: शुभ लग्न

गृह प्रवेश संस्कार के दौरान लग्न का विशेष महत्व होता है। शुभ लग्न वो विशेष शुभ समय होता है, जिस दौरान मुहूर्त अनुसार कोई भी कर्मकांड करना उचित व शुभ माना गया है। किसी विशेष समय में किसी खास राशि का लग्न चल रहा होता है, जो आपके लिए शुभ व अशुभ दोनों हो सकता है। ऐसे में शुभ लग्न को निकालते वक़्त कुछ बातों का ध्यान रखना अनिवार्य होता है। आइए इन बातों पर डालते है एक नज़र:-

  • गृह प्रवेश के लिए शुभ लग्न निकालते वक़्त गृह स्वामी के जन्म लग्न या जन्म राशि से अष्टम लग्न नहीं होना चाहिए।

  • गृह स्वामी को अपने जन्मराशि/जन्मलग्न से तीसरे, छठे, दसवे या ग्यारवे तथा उसके स्थिर लग्न में ही गृह प्रवेश करना चाहिए, क्योंकि ऐसा इस समय गृह प्रवेश करना हमेशा शुभ फलदायी साबित होता है।

  • गृह लग्न में लग्न से पहले, दूसरे, पांचवें, सातवें, नौवे और दसवे भावों में शुभ ग्रह और तीसरे, छठे और ग्यारवे भावों में पाप ग्रह हों और इस दौरान चतुर्थ व अष्टम भाव शुद्ध हो, तभी गृह प्रवेश संस्कार करना शुभ माना जाता है।

  • जातक के जन्म नक्षत्र से सूर्य की स्थिति गृह प्रवेश के दौरान पांचवें या नौवें भाव में होना अशुभ माना जाता है, जबकि आठवें या छठवे में शुभ मानी गई है।

ग्रहप्रवेश संस्कार में शुभ मुहूर्त

ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार शुभ मुहूर्तों में रुद्र, श्‍वेत, मित्र, सारभट, सावित्र, वैराज, विश्वावसु, अभिजित, रोहिण, बल, विजय, नैरऋत, वरुण सौम्य और भग ये सभी 15 मुहूर्त होते है, जिनमें से:-

-रविवार के दिन 14वां,

-सोमवार के दिन 12वां,

-मंगलवार के दिन 10वां,

-बुधवार के दिन 8वां,

-गुरु के दिन 6वां,

-शुक्रवार के दिन 4वां और,

-शनिवार के दिन दूसरा मुहूर्त, हर प्रकार के शुभ कार्यों में वर्जित माने जाते हैं।

गृह प्रवेश मुहूर्त 2021: वास्तु पूजा और वास्तु शांति का महत्व

गृह प्रवेश के दौरान घर को हर तरह के वास्तु दोष से मुक्ति दिलाने के लिए और घर में शांति व समृद्धि बरकरार रखने के लिए, वास्तु देवता की पूजा करने का विधान है। ये वास्तु पूजा गृह प्रवेश करने से पहली ही विधि-विधान अनुसार की जाती है। इस दौरान इन विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए:-

  • वास्तु देवता को पूजते वक़्त गृह प्रवेश से पहले घर के मुख्य द्वार पर तांबे/मिट्टी के एक कलश में शुद्ध जल भरकर, उसमें नौ अलग-अलग प्रकार के अनाज और एक रुपये का सिक्का डालें।

  • वास्तु दोष को खत्म या शून्य करने के लिए, किसी वास्तु ज्योतिषी की मदद से हवन आयोजित करें। माना जाता है कि, इस हवन से सभी ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव दूर होते है जिससे घर में सुख-समृद्धि आती है।

  • वास्तु पूजा के दौरान, अपने नए घर में वास्तु यंत्र को विधि-विधान अनुसार स्थापित करें। इससे वास्तु देवता प्रसन्न होकर आशीर्वाद के रूप में घर की सुख-समृद्धि में बढ़ोत्तरी करते हैं।

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गृह प्रवेश मुहूर्त 2021 के दौरान किन बातों का रखें ध्यान

जैसा सभी जानते हैं कि गृह प्रवेश मुहूर्त की गणना और उस मुहूर्त अनुसार होने वाली पूजा, किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी की मदद से ही करवाई जानी चाहिए। लेकिन हिन्दू धर्म अनुसार इस पूजा के दौरान इसके आरंभ से संपन्न होने के बाद तक कई बातों को ध्यान में रखकर ही गृह प्रवेश करना चाहिए:-

  • गृह प्रवेश संस्कार के दौरान, घर के मुख्य द्वार को बंदनवार और फूलों से अच्छी तरह सजाना चाहिए। साथ ही संभव हो तो, मुख्य द्वार पर सुंदर सी रंगोली भी बनाएँ।

  • एक तांबे के कलश में गंगा जल या शुद्ध जल भरकर उसके ऊपर आम या अशोक के आठ पत्ते रखकर, उसके बीच एक नारियल रखें।

  • बाद में तैयार किये गए उस कलश व नारियल पर कुमकुम से स्वास्तिक का चिन्ह बनाकर, उस पर रोली बांधे।

  • गृह प्रवेश संस्कार के पूजन के बाद, उस कलश के साथ ही सपरिवार सूर्य की रोशनी में, नए घर में प्रवेश करना उचित रहता है।

  • घर के सबसे बड़े पुरुष और स्त्री को अपने साथ हिन्दू धर्म की पांच मांगलिक वस्तुएँ जैसे:-नारियल, हल्दी, गुड़, चावल और दूध को लेकर ही गृह प्रवेश करना चाहिए।

  • गृह प्रवेश करते हुए पुरुष सबसे पहले अपना दाहिना पैर तथा स्त्री अपना बायां पैर बढ़ाकर ही, अपने नए घर में प्रवेश करें।

  • गृह प्रवेश वाले दिन घर में भगवान गणेश की मूर्ति, दक्षिणावर्ती शंख और श्री यंत्र की स्थापना करना शुभ माना जाता है।

  • अपने साथ लाए गए मंगल कलश को भगवान गणेश की वंदना के साथ पूजा-अर्चना करते हुए, घर के ईशान कोण में किसी पवित्र स्थान पर स्थापित करें।

  • इसके बाद घर के रसोई घर की भी पूजा करें, और वहां एक दीवार पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाते हुए एक दीपक जलाएं।

  • रसोई घर का सबसे पहले इस्तेमाल कर, उसमें दूध उबालें और फिर उसकी मदद से कुछ मीठा बनाकर उसका भगवान को भोग लगाएँ।

  • भगवान को भोग लगाने के बाद बाकी बचे भोजन को गौ माता, कौआ, कुत्ता, चींटी आदि को खिलाते हुए प्रसाद के रूप में उसे बाटें।

  • इसके बाद पुरोहित या किसी ब्राह्मण व किसी गरीब को भोजन कराए और उन्हें दक्षिणा व वस्त्र देकर, आशीर्वाद लेते हुए उन्हें विदा करें।

माना जाता है कि, इस तरह पूरे विधि पूर्वक अनुसार किया गया गृह प्रवेश घर में सुख, शांति व समृद्धि लाता है।

गृह प्रवेश के समय भूल से भी न करें ये कार्य

कई बार हम भवन निर्माण के दौरान या उसके पूरा होने से पहले ही गृह प्रवेश कर लेते हैं, जो हिन्दू धर्म में बेहद अशुभ माना गया है। ऐसे में हमे हमेशा गृह प्रवेश संस्कार के समय ज्योतिष द्वारा बताए गए, कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है। आइये जानते हैं कि इस दौरान हमे कौन-कौन से कार्यों को करने से बचना चाहिए:-

  • गृह प्रवेश तब तक नहीं करना चाहिए, जब तक घर के मुख्य द्वार पर दरवाज़े लग न जाएं और घर की छत पूरी तरह बनी बन जाती।

  • गृह प्रवेश के समय वास्तु देवता की भी विधि-विधान अनुसार, सहपरिवार पूजा करनी चाहिए, अन्यथा वास्तु दोष लग सकता है।

  • माना जाता है कि, गृह प्रवेश संस्कार करने के कुछ दिनों बाद तक घर के मुख्य द्वार पर ताला नहीं लगाना चाहिए। अन्यथा घर में देवी-देवताओं को आगमन करने में बाधा महसूस होती है।

गृहप्रवेश 2021: यंत्र स्थापना

गृह प्रवेश संस्कार 2021 में अपने नए घर में सुख-समृद्धि और शांति बरकरार रखने के लिए ज्योतिष शास्त्रों में कई यंत्रों की स्थापना करना शुभ व लाभकारी माना गया है। इन यंत्रों को आपको अपनी कुल परंपरा एवं श्रद्धा अनुसार पूरे विधि-विधान के साथ स्थापित करना चाहिए। इन यंत्रों में से सबसे ज्यादा शुभ यंत्र माने जाते हैं:-

  • श्री महामृत्युंजय यंत्र: श्री महामृत्युंजय यंत्र की स्थापना करने से घर में दुःख, बीमारियों और कई प्रकार के संकटों से बचाव होता है।

  • नवग्रह यंत्र: नवग्रह यंत्र सभी ग्रहों के दोषों से घर के सभी सदस्यों को मुक्ति दिलाते हुए, घर में सुख-समृद्धि प्रदान करता है।

  • श्री महालक्ष्मी यंत्र: श्री महालक्ष्मी यंत्र की स्थापना और नियमित पूजा करने से घर में लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्त होती है, जिससे धन से जुड़ी हर समस्या दूर हो जाती है।

  • श्री कुबेर यंत्र: इस श्री कुबेर यंत्र के पूजन करने से परिवार के सभी आय के साधनों में वृद्धि होने के साथ-साथ, आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है।

हम आशा करते हैं कि, हमारे इस लेख में गृह प्रवेश मुहूर्त 2021 से संबंधित आपको पूरी जानकारी मिली होगी। हम आपके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।

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