Author: Vijay Pathak | Last Updated: Thu 5 Nov 2026 2:41:32 PM
2027 राहु गोचर: हमारे पूर्वजों ने राहु और केतु को छाया ग्रह कहा है। ज्योतिष में इन्हें छाया ग्रह इसलिए माना जाता है, क्योंकि खगोलीय दृष्टि से सूर्य, चंद्रमा और दूसरे ग्रहों की तरह इनका कोई वास्तविक आकार या द्रव्यमान नहीं होता है। ये दोनों ऐसे बिंदु हैं, जहां चंद्रमा की कक्षा सूर्य की कक्षा को काटती है। इन्हें ग्रहों के नोड्स यानी पात बिंदु कहा जाता है। राहु और केतु एक-दूसरे से ठीक 180 डिग्री की दूरी पर स्थित होते हैं।
चंद्रमा की कक्षा के उत्तरी पात को राहु और दक्षिणी पात को केतु कहा जाता है। ये दोनों राशि चक्र में वक्री गति से गोचर करते हैं। राहु और केतु लगभग 18 महीने तक एक ही राशि में रहते हैं।
हिंदू पौराणिक कथाओं में राहु और केतु को एक ही शरीर के दो हिस्सों के रूप में बताया गया है। राहु को शरीर का सिर और केतु को शरीर का धड़ और पूंछ माना जाता है। यह घटना तब हुई थी, जब राहु ने देवता का रूप धारण करके अमृत पी लिया था।
कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के बाद समुद्र से एक दिव्य हाथी, घोड़ा, एक वैद्य, धन की देवी और देवताओं के वैद्य धन्वंतरि प्रकट हुए। धन्वंतरि के हाथों में अमृत कलश था, जो अमरत्व प्रदान करता था। अमृत के बंटवारे को लेकर देवताओं और असुरों के बीच विवाद हो गया। तब भगवान विष्णु ने मोहिनी नाम की अप्सरा का रूप धारण किया और दोनों पक्षों की सहमति से अमृत बांटने की जिम्मेदारी संभाली।
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मोहिनी रूप में भगवान विष्णु ने अमृत देवताओं को बांटना शुरू किया और सभी देवताओं ने अमृत पी लिया। इसी दौरान स्वरभानु नाम का एक असुर चुपके से देवताओं की पंक्ति में बैठ गया और उसने भी अमृत पी लिया। सूर्य देव और चंद्र देव ने उसे पहचान लिया और भगवान विष्णु को उसके बारे में बता दिया।
इसके बाद भगवान विष्णु ने स्वरभानु का सिर काटकर उसके शरीर को दो हिस्सों में बांट दिया। लेकिन वह अमृत की कुछ बूंदें पी चुका था, इसलिए शरीर के दोनों हिस्से अलग होने के बाद भी जीवित रहे। उसके सिर को राहु और धड़ तथा पूंछ को केतु नाम दिया गया। इसी घटना के कारण राहु और केतु सूर्य देव तथा चंद्र देव के शत्रु बन गए।
इसी वजह से समय-समय पर राहु और केतु सूर्य और चंद्रमा को निगलने की कोशिश करते हैं। इस घटना को ग्रहण कहा जाता है। हालांकि, अमर होने के कारण सूर्य और चंद्रमा उनसे बच निकलते हैं।
राहु को नशे की लत, किसी चीज की जरूरत से ज्यादा चाह और मन की अतृप्त इच्छाओं का कारक माना जाता है। यह व्यक्ति के भीतर हर समय आकर्षण का केंद्र बने रहने की इच्छा को भी बढ़ाता है। आज के समय में राहु का संबंध सफाई कर्मचारी जैसे कम प्रतिष्ठा वाले काम करने वाले लोगों से भी जोड़ा जाता है। राहु को एक बड़े काले सर्प के रूप में भी दर्शाया जाता है। इसका स्वभाव व्यावहारिक और भावनाओं से कम प्रभावित होने वाला माना जाता है।
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सभी ग्रहों के गोचरों में राहु का गोचर बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह एक राशि में लगभग 18 महीने तक रहता है। राहु को राशि चक्र का एक पूरा चक्कर लगाने में करीब 18 साल लगते हैं।
साल 2026 में राहु 5 दिसंबर 2026 को रात 20:03 बजे तक कुंभ राशि में मौजूद रहेंगे। इसके बाद 5 दिसंबर 2027 के बाद राहु शनि के स्वामित्व वाली मकर राशि में गोचर करेंगे।
प्राकृतिक राशि चक्र के अनुसार, मकर राशि का संबंध यात्राओं, करियर में मिलने वाले लाभ और पेशेवर जीवन में सफलता से है। मकर पृथ्वी तत्व की राशि है और इसका स्वभाव चर तथा पुरुष प्रकृति का है। मकर राशि में राहु का गोचर करियर से जुड़ी यात्राओं को बढ़ा सकता है।
मकर राशि को राहु के लिए मित्र राशि माना जाता है, क्योंकि इसके स्वामी शनि हैं। इस राशि में श्रवण, धनिष्ठा और श्रवणा जैसे जन्म नक्षत्र भी आते हैं।
सामान्य रूप से मकर राशि में राहु का गोचर काफी अनुकूल परिणाम दे सकता है। इस दौरान जातक अपने करियर में आगे बढ़ने और अपने पद को मजबूत करने की इच्छा रख सकते हैं। मकर राशि करियर से जुड़ी मानी जाती है, इसलिए इस दौरान जातकों को अपने पेशे के सिलसिले में विदेश यात्रा करने के अवसर भी मिल सकते हैं। राहु के इस गोचर के दौरान आपका ध्यान करियर और पेशेवर जीवन से जुड़े मामलों पर अधिक रह सकता है।
हालांकि, ये सभी सामान्य भविष्यवाणियां हैं। आइए जानते हैं कि 2027 का राहु गोचर आपकी राशि के लिए कैसा रहने वाला है। इससे पहले यह समझना जरूरी है कि ये भविष्यवाणियां सामान्य गोचर पर आधारित हैं। अधिक सटीक जानकारी के लिए आपको अपनी जन्म कुंडली और जन्म से जुड़ी जानकारी के आधार पर ग्रहों की स्थिति का विश्लेषण करवाना चाहिए।
मेष राशि के जातकों के लिए राहु कर्म, यात्रा और गतिविधियों से जुड़े दसवें भाव में गोचर करेंगे। साल 2027 में राहु का यह गोचर आपके लिए काफी अनुकूल परिणाम लेकर आ सकता है। मकर राशि के दसवें भाव में राहु की स्थिति को उसके लिए सबसे अनुकूल स्थितियों में से एक माना जाता है।
इस गोचर के दौरान आपके मन में करियर में आगे बढ़ने की तीव्र इच्छा पैदा हो सकती है। राहु आपको अपने लक्ष्यों और महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगा। आप अपनी खुशियों की ओर आगे बढ़ते हुए सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
इस दौरान आपकी कई भौतिक इच्छाएं और सपने पूरे हो सकते हैं। अगर आप कारोबार करते हैं, तो यह अपने पेशेवर संपर्कों का दायरा बढ़ाने के लिए बहुत अच्छा समय है। आप अपने कारोबार को आगे बढ़ाने और अपने लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में कदम उठा सकते हैं। हालांकि, अधिक मुनाफा कमाने के लिए आपको अपने कारोबार की योजना सही तरीके से बनानी होगी और उसे व्यवस्थित ढंग से चलाना होगा। ऐसा न करने पर आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है।
दसवें भाव में राहु की स्थिति के बावजूद, साल 2027 में आप अपनी सभी इच्छाओं को पूरा करके पूरी संतुष्टि महसूस नहीं कर पाएंगे। हालांकि, आप अपने करियर के दायरे को बढ़ा सकते हैं। कारोबार करने वाले जातक भी अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सफल हो सकते हैं।
इस गोचर के दौरान आप अपने करियर के सिलसिले में लंबी दूरी की या विदेश यात्राओं में काफी समय बिता सकते हैं। इसके कारण आपको अपने निजी जीवन और रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए कम समय मिल पाएगा।
उपाय: रोजाना “ॐ भौमाय नमः” मंत्र का 33 बार जाप करें।
राहु आपकी राशि से नौवें भाव यानी मकर राशि में गोचर करेंगे। 2027 के राहु गोचर के दौरान आपके दसवें भाव में भाग्य, लंबी दूरी की विदेश यात्राओं और महिलाओं से मिलने वाले सहयोग से जुड़े परिणाम देखने को मिल सकते हैं। दसवें भाव में राहु का गोचर नौकरीपेशा लोगों और अभिनय, ट्रेडिंग या कारोबार से जुड़े लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
इन क्षेत्रों में काम करने वाले लोग इस दौरान शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं। आपमें से कुछ लोगों को अपने करियर के सिलसिले में विदेश जाने का अवसर भी मिल सकता है। यह यात्रा आपके लिए फायदेमंद और सफल साबित हो सकती है। इस दौरान भाग्य आपका काफी साथ दे सकता है और आप अपने काम का दायरा बढ़ाने में सफल हो सकते हैं।
अगर आप अपने ही शहर या घर के आसपास रहकर काम कर रहे हैं, तो आपको पेशेवर जीवन में सफलता पाने में मुश्किल हो सकती है। ऐसी स्थिति में आप सफलता हासिल करने के बजाय संघर्ष करते रह सकते हैं। अपने ही स्थान पर रहकर आपको आगे बढ़ने के सीमित अवसर मिल सकते हैं।
इसलिए आपके लिए विदेश जाकर काम करने के अवसर तलाशना बेहतर हो सकता है। अगर आप कारोबार करते हैं, तो आपके लिए भी स्थिति कुछ ऐसी ही रह सकती है। आपको अपने व्यवसाय की रणनीति में बदलाव करने और आउटसोर्सिंग से जुड़े कामों पर ध्यान देने की जरूरत पड़ सकती है।
2027 का राहु गोचर आपके बैंक बैलेंस में शानदार बढ़ोतरी कर सकता है और आपको बचत करने के अच्छे अवसर दे सकता है। हालांकि, इसका एक नकारात्मक पक्ष यह भी है कि इस दौरान कमाए गए पैसों से आपको पूरी संतुष्टि नहीं मिल पाएगी। अधिक धन कमाने के बावजूद आप संतुष्ट महसूस नहीं कर सकते हैं।
उपाय: शुक्रवार के दिन मां महाकाली की पूजा करें।
मिथुन राशि के जातकों के लिए राहु मकर राशि में आपके आठवें भाव में गोचर करेंगे। आठवां भाव देरी और अचानक होने वाले बदलावों से जुड़ा है। इस कारण राहु का यह गोचर मिथुन राशि के जातकों के लिए अनुकूल नहीं माना जा रहा है।
आठवें भाव में राहु का गोचर रिश्तों, आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य और करियर के मामले में सामान्य रूप से अच्छा नहीं माना जाता है। इस दौरान आपको इन सभी क्षेत्रों में रुकावटों और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि, अगर आपकी रुचि वैदिक ज्योतिष, अंक ज्योतिष या टैरो रीडिंग जैसे गूढ़ विषयों को सीखने में है, तो यह समय आपके लिए अच्छा हो सकता है। आप इन विषयों को सीखने में आगे बढ़ सकते हैं और इनमें सफलता भी प्राप्त कर सकते हैं। आपकी कुछ इच्छाएं इस दौरान पूरी हो सकती हैं।
लेकिन इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि राहु आपकी राशि के स्वामी बुध का शत्रु ग्रह है। साथ ही, राहु का आठवें भाव में होना भी उसकी सबसे परेशानियां देने वाली स्थितियों में से एक माना जाता है।
2027 में आठवें भाव में राहु का गोचर आपके जीवन में अनिश्चितता, डर और अचानक होने वाली घटनाओं को बढ़ा सकता है। इस दौरान गलत तरीकों या बेईमानी से पैसा कमाने की इच्छा भी पैदा हो सकती है, लेकिन लंबे समय में यह आपके लिए नुकसानदायक साबित होगा।
आपके जीवन में अचानक खर्च बढ़ सकते हैं और आपकी बचत कम हो सकती है। परिवार के करीबी सदस्यों के साथ आपके रिश्तों में भी परेशानी आ सकती है, जिससे घर का माहौल प्रभावित हो सकता है।
इस दौरान आपको स्वास्थ्य संबंधी कुछ समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए खानपान को लेकर सावधान रहें और शराब पीकर गाड़ी चलाने से बचें।
उपाय: रोजाना “ॐ सोमाय नमः” मंत्र का 21 बार जाप करें।
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कर्क राशि के जातकों के लिए राहु मकर राशि में सातवें भाव में गोचर करेंगे। सातवें भाव में राहु की मौजूदगी के कारण आप अपने जीवनसाथी और रिश्ते को लेकर जरूरत से ज्यादा अधिकार जताने वाले या पजेसिव हो सकते हैं।
अगर आप सिंगल हैं, तो इस दौरान आपका किसी विदेशी व्यक्ति या अलग सांस्कृतिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति के साथ रिश्ता बन सकता है। राहु का गोचर आपके जीवनसाथी से जुड़ी उम्मीदों और इच्छाओं को बढ़ा सकता है। इससे आपके पार्टनर पर दबाव बन सकता है। आपके इस व्यवहार के कारण रिश्ते में परेशानियां और दुख बढ़ सकते हैं।
राहु का संबंध धोखे और अनुचित रिश्तों से भी माना जाता है। इसलिए इस दौरान आपके साथ धोखा होने या आपके द्वारा अपने पार्टनर को धोखा दिए जाने की आशंका हो सकती है। हालांकि, ऐसा आपकी और आपके जीवनसाथी की जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करेगा।
अगर पेशेवर साझेदारी की बात करें, तो यह गोचर अच्छा साबित हो सकता है। खासतौर पर अगर आप कारोबार करते हैं, तो आपको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। आप अधिक मुनाफा कमा सकते हैं और साझेदारी में भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
इस दौरान आपकी मुलाकात किसी विदेशी व्यक्ति से हो सकती है, जो आपको कारोबार में साझेदारी का प्रस्ताव दे सकता है। इसके अलावा, आपको मनचाहा मुनाफा मिल सकता है, जिससे आपको संतुष्टि महसूस होगी।
सातवें भाव में राहु की मौजूदगी महिला जातकों के लिए अधिक अनुकूल हो सकती है। कारोबार का विस्तार करने और मुनाफा बढ़ाने में आपको अपने संपर्कों और नेटवर्क का सहयोग मिल सकता है।
हालांकि, इस गोचर का एक नकारात्मक पक्ष यह है कि आपको स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। खासतौर पर पैरों और जांघों में दर्द की समस्या हो सकती है।
उपाय: रोजाना “ॐ चंद्राय नमः” मंत्र का 21 बार जाप करें।
राहु मकर राशि में आपके छठे भाव में गोचर करेंगे। 2027 के राहु गोचर के दौरान प्रतियोगी परीक्षा या किसी अन्य तरह की प्रतियोगिता में सफल होने की आपकी इच्छा पूरी हो सकती है। अगर आप किसी कोर्ट केस या कानूनी विवाद का सामना कर रहे हैं, तो उसका फैसला आपके पक्ष में आ सकता है।
हालांकि, इसका एक नकारात्मक पक्ष भी है। अपनी इच्छाओं को पूरा करने के चक्कर में आप जरूरत से ज्यादा खर्च कर सकते हैं। इससे आप कर्ज में फंस सकते हैं। लग्जरी और सुख-सुविधाओं के लिए लोन लेना लंबे समय में आपके लिए फायदेमंद साबित नहीं होगा।
लेकिन अगर आप शिक्षा, घर खरीदने या कारोबार को आगे बढ़ाने जैसे अच्छे कामों के लिए लोन लेना चाहते हैं, तो राहु आपको इसमें मदद कर सकता है।
इस गोचर के दौरान आपको पेशेवर जीवन में लाभ मिल सकता है और आपका बैंक बैलेंस भी बढ़ सकता है। हालांकि, पारिवारिक संपत्ति या विरासत को लेकर परिवार में विवाद होने की आशंका है।
आपको अपनी सेहत का भी ध्यान रखना होगा, क्योंकि पैरों और जांघों में दर्द की समस्या हो सकती है। अपने खानपान की आदतों पर ध्यान दें और समय पर भोजन करें, क्योंकि इस दौरान पाचन संबंधी समस्याएं होने की आशंका है।
उपाय: बुधवार के दिन पक्षियों को अनाज खिलाएं।
कन्या राशि के जातकों के लिए राहु मकर राशि में पांचवें भाव में गोचर करेंगे। कन्या राशि के लिए राहु को मित्र ग्रह माना जाता है। पांचवां भाव रचनात्मकता से जुड़ा है, इसलिए 2027 के राहु गोचर के दौरान आपकी रचनात्मक क्षमता काफी बढ़ सकती है।
पांचवां भाव आपकी भावनाओं का भी प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए इस दौरान आप जरूरत से ज्यादा भावुक भी हो सकते हैं। इसके अलावा, पांचवें भाव का संबंध शिक्षा, प्रेम संबंधों और संतान से भी होता है।
पांचवें भाव में राहु की मौजूदगी के कारण प्रेम और रिश्तों के प्रति आपका झुकाव बढ़ सकता है। आप अपने प्रेम संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे। कन्या राशि के जातकों की प्रेम और रोमांस से जुड़ी इच्छाएं इस दौरान पूरी हो सकती हैं। अगर आप पढ़ाई के लिए विदेश जाना चाहते हैं, तो विदेशी विश्वविद्यालयों में आवेदन करना आपके लिए अच्छा समय हो सकता है।
पांचवां भाव शेयर बाजार और सट्टेबाजी का भी होता है। इसलिए मकर राशि में राहु का गोचर इन क्षेत्रों के माध्यम से धन कमाने के लिए अनुकूल हो सकता है। हालांकि, आपको बहुत बड़ी रकम निवेश करके जोखिम लेने से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने पर आपको नुकसान हो सकता है।
आपको मिलने वाले अच्छे परिणाम आपकी जन्म कुंडली की मजबूती और उसमें राहु की स्थिति पर निर्भर करेंगे। यहां बताई गई भविष्यवाणियां सामान्य हैं और गोचर पर आधारित हैं। इसलिए अच्छे या बुरे परिणाम आपकी कुंडली में ग्रहों की स्थिति और उस समय चल रही अनुकूल या प्रतिकूल दशाओं पर भी निर्भर करेंगे।
उपाय: रोजाना दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
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तुला राशि के जातकों के लिए साल 2027 में राहु आपकी चंद्र राशि से चौथे भाव में ही रहेंगे। इस कारण आपको घर या किसी अन्य संपत्ति को खरीदते, बनवाते या उसका नवीनीकरण करवाते समय अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
चौथे भाव में राहु की मौजूदगी के कारण आपके सुख-सुविधाओं में कमी आ सकती है। परिवार से जुड़े कुछ ऐसे खर्च भी हो सकते हैं, जिनकी आपको जरूरत नहीं थी। इन खर्चों के कारण आप परेशान हो सकते हैं।
इसके अलावा, 2027 के राहु गोचर के दौरान घर से जुड़े बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए। चौथे भाव में राहु की स्थिति के कारण परिवार और रिश्तेदारों के साथ परेशानियां हो सकती हैं। मां की सेहत पर भी आपको पैसा खर्च करना पड़ सकता है, जिससे आपकी चिंता बढ़ सकती है।
आपमें से कुछ जातक राहु के चौथे भाव में गोचर के कारण विदेश जा सकते हैं और अपना घर छोड़कर रह सकते हैं।
नकारात्मक पक्ष की बात करें, तो इस दौरान मां के साथ आपका रिश्ता काफी अनिश्चित रह सकता है। उनके साथ प्यार जताने की बात हो या मतभेद और बहस की, छोटी-छोटी बातें भी जरूरत से ज्यादा बढ़ सकती हैं।
चौथे भाव में राहु का यह 2027 का गोचर आपके घरेलू जीवन को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए आपको अपने पारिवारिक जीवन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है। इस गोचर के परिणाम आपकी जन्म कुंडली और उसमें राहु की स्थिति की मजबूती पर भी निर्भर करेंगे।
उपाय: शुक्रवार के दिन बुजुर्ग महिलाओं को भोजन दान करें।
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए साल 2027 अनुकूल रह सकता है। इस साल राहु आपके तीसरे भाव में स्थित रहेंगे। तीसरे भाव में राहु की मौजूदगी के कारण आपके साहस और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हो सकती है।
अगर आपकी जन्म कुंडली में राहु मजबूत स्थिति में हैं, तो 2027 में राहु का यह गोचर आपके लिए काफी अच्छा साबित हो सकता है। इस दौरान आप हाथों से जुड़ा कोई अनोखा कौशल भी सीख सकते हैं। इसके अलावा, आप विदेश की लंबी यात्रा की योजना बना सकते हैं।
हालांकि, इसका एक नकारात्मक पक्ष यह है कि छोटे भाई-बहनों के साथ आपके रिश्ते ज्यादा अच्छे नहीं रह सकते हैं।
इस गोचर के दौरान तीसरे भाव में राहु की मजबूत स्थिति के कारण आपको महिलाओं का सहयोग मिल सकता है। करियर के सिलसिले में विदेश जाने के योग भी बन सकते हैं। इसके अलावा, आप अपने परिवार के साथ घूमने-फिरने के लिए विदेश यात्रा पर भी जा सकते हैं।
राहु की मौजूदगी के कारण तीसरे भाव से जुड़े मामलों में आपकी बातचीत का तरीका अधिक स्पष्ट और प्रभावशाली हो सकता है।
यहां बताई गई सभी भविष्यवाणियां सामान्य हैं। आपके लिए राहु के इस गोचर का वास्तविक प्रभाव जानने के लिए जन्म कुंडली की स्थिति और उसमें राहु की मजबूती को समझना जरूरी है।
उपाय: गुरुवार के दिन मां दुर्गा की पूजा करें।
धनु राशि के जातकों के लिए राहु मकर राशि में दूसरे भाव में गोचर करेंगे। इस दौरान राहु के दूसरे भाव में होने के कारण आपके बैंक खाते से अधिक खर्चों की वजह से पैसा तेजी से कम हो सकता है। परिवार में नैतिक मूल्यों का पालन करना भी मुश्किल हो सकता है।
राहु की मौजूदगी आपके जीवन में भौतिक सुख-सुविधाओं और उनसे जुड़ी इच्छाओं को बढ़ा सकती है। दूसरे भाव में राहु होने के कारण आप अपने वादों को पूरा करने में पीछे रह सकते हैं।
इसके अलावा, 2027 के राहु गोचर के दौरान मिलने वाले परिणाम आपकी जन्म कुंडली में राहु की स्थिति और कुंडली की मजबूती पर निर्भर करेंगे। हालांकि, इस दौरान आपके जीवन में कुछ अनिश्चितताएं बढ़ सकती हैं। इसलिए गाड़ी चलाते समय सावधानी बरतें और शराब पीकर गाड़ी बिल्कुल न चलाएं।
आपको अपने खानपान पर भी ध्यान देना चाहिए, क्योंकि इस दौरान फूड पॉइजनिंग की समस्या हो सकती है। विदेशी और अलग-अलग तरह के खाने-पीने की चीजों को आजमाने की इच्छा बढ़ सकती है।
दूसरे भाव में राहु की मौजूदगी के कारण आप अपनी बात या वादे पर पूरी तरह कायम नहीं रह पाएंगे। आपको अपने खर्च करने की आदतों पर भी नियंत्रण रखना होगा।
सामान्य रूप से यह गोचर आपके लिए कुछ विपरीत परिणाम लेकर आ सकता है।
उपाय: शनिवार के दिन राहु ग्रह के लिए तेल का दीपक जलाएं।
मकर राशि के जातकों के लिए राहु आपकी लग्न राशि यानी पहले भाव में ही गोचर करेंगे। 2027 के राहु गोचर के दौरान लग्न भाव में राहु की मौजूदगी काफी प्रभावशाली हो सकती है। इसका आपके व्यक्तित्व और व्यवहार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
पहले भाव में राहु की मौजूदगी के कारण आप अधिक रचनात्मक बन सकते हैं और विदेश यात्रा करने की इच्छा बढ़ सकती है। अपनी अनोखी प्रतिभा और काबिलियत के कारण आपको प्रसिद्धि भी मिल सकती है। इसके अलावा, आप काफी जिज्ञासु हो सकते हैं और दूसरों से अलग पहचान बनाने की इच्छा रख सकते हैं।
हालांकि, आपके अनियमित व्यवहार के कारण इस गोचर के दौरान आपके व्यक्तित्व में भ्रम और असमंजस की स्थिति पैदा हो सकती है।
पहले भाव में राहु होने से आप अधिक रचनात्मक और अपनी सोच में बुद्धिमान बन सकते हैं। वहीं, नकारात्मक पक्ष की बात करें, तो आप जल्दी गुस्सा हो सकते हैं और छोटी-छोटी बातों पर भड़क सकते हैं।
2027 का यह राहु गोचर आपके लिए कुछ परेशानियां भी ला सकता है। पहले भाव में राहु की मौजूदगी के कारण आपको जो कुछ भी मिलेगा, उससे आप पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो पाएंगे। इस दौरान पाचन संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।
उपाय: रोजाना “ॐ राहवे नमः” मंत्र का 40 बार जाप करें।
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कुंभ राशि के जातकों के लिए राहु बारहवें भाव में गोचर करेंगे। बारहवें भाव में राहु की मौजूदगी के कारण यह समय आपके लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इस गोचर का आपके व्यक्तित्व और व्यवहार पर भी बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।
बारहवें भाव में राहु की मौजूदगी के कारण आप अधिक रचनात्मक बन सकते हैं और विदेश यात्रा करने की इच्छा बढ़ सकती है। अपनी अनोखी प्रतिभा और काबिलियत के कारण आपको प्रसिद्धि भी मिल सकती है। इसके अलावा, आप काफी जिज्ञासु हो सकते हैं और दूसरों से अलग पहचान बनाने की इच्छा रख सकते हैं। आपके अनियमित व्यवहार के कारण व्यक्तित्व में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
बारहवें भाव में राहु की मौजूदगी के कारण आपको अचानक या अप्रत्याशित तरीके से धन लाभ हो सकता है। हालांकि, नकारात्मक पक्ष की बात करें, तो आप जल्दी गुस्सा हो सकते हैं और छोटी-छोटी बातों पर भड़क सकते हैं।
2027 का यह राहु गोचर आपके लिए परेशानी का कारण भी बन सकता है। बारहवें भाव में राहु होने के कारण आपको मिलने वाली चीजों से पूरी संतुष्टि नहीं मिलेगी। इस दौरान पाचन संबंधी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।
उपाय: रोजाना “ॐ कालिकायै नमः” मंत्र का 40 बार जाप करें।
मीन राशि के जातकों के लिए साल 2027 में राहु मकर राशि में आपके ग्यारहवें भाव में गोचर करेंगे। ग्यारहवें भाव में राहु का यह गोचर आपको निजी कामों या करियर के सिलसिले में विदेश ले जा सकता है। इस दौरान आपके लिए तरक्की और लाभ के कई अवसर बन सकते हैं।
ग्यारहवें भाव में राहु की मौजूदगी आपके लाभ और आमदनी को बढ़ा सकती है। अगर आप विदेश जाकर बसते हैं या काम करते हैं, तो अपने देश या मौजूदा स्थान पर रहने की तुलना में वहां बेहतर सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
इस साल ग्यारहवें भाव में राहु की मौजूदगी आपको सकारात्मक परिणाम दे सकती है। इस दौरान आप अपनी कई इच्छाओं को पूरा करने में सफल हो सकते हैं।
उपाय: गुरुवार के दिन गरीब ब्राह्मण को कच्चे चावल दान करें।
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1. साल 2027 में राहु का गोचर कब होगा?
राहु पूरे साल 2027 में मकर राशि में रहेंगे और इसी राशि में अपना गोचर जारी रखेंगे।
2. 2027 के राहु गोचर से किन राशियों पर खास प्रभाव पड़ सकता है?
वृषभ, कन्या, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों पर राहु के इस गोचर का खास प्रभाव देखने को मिल सकता है।
3. राहु गोचर 2027 के दौरान कौन-सा उपाय करना चाहिए?
रोजाना “ॐ राहवे नमः” मंत्र का 21 बार जाप करें और नियमित रूप से भगवान शिव की पूजा करें।