Author: AstroGuru Mrugank | Last Updated: Sun 1 Sep 2024 1:24:21 PM
एस्ट्रोकैंप के इस 2025 विवाह मुहूर्त लेख में विस्तार से बताया गया है कि वर्ष 2025 में विवाह के लिए शुभ मुहूर्त एवं तिथियां क्या हैं। यहां पर विवाह मुहूर्त की जो जानकारी दी जा रही है, वह वैदिक ज्योतिष पर आधारित है और हमारे विद्वान ज्योतिषियों द्वारा नक्षत्र, शुभ घड़ी, दिन की गणना करने के बाद तैयार की गई है।

Read here in English: 2025 Vivah Muhurat
हिंदू धर्म में विवाह संस्कार को अत्यंत महत्वपूर्ण और शुभ माना गया है। स्वयं बड़े-बड़े महात्मा कहते हैं कि गृहस्थ जीवन से बड़ी तपस्या और कुछ नहीं होती है। गृहस्थ जीवन के सफल होने की संभावना तब ज्यादा बढ़ जाती है, जब पति-पत्नी का वैवाहिक जीवन शुभ मुहूर्त में शुरू हुआ हो।
शास्त्रों के अनुसार विवाह हमेशा शुभ मुहूर्त में ही किया जाना चाहिए। जिस प्रकार गृह प्रवेश या किसी भी अन्य शुभ कार्य को संपन्न करने के लिए शुभ मुहूर्त देखा जाता है, ठीक उसी तरह विवाह के लिए भी शुभ मुहूर्त निकालना आवश्यक होता है।
2025 विवाह मुहूर्त के अनुसार, जब विवाह संस्कार शुभ मुहूर्त में किया जाता है, तो इससे पति-पत्नी का वैवाहिक जीवन खुशियों से भर जाता है और उनके संबंध में समस्याएं कम आती हैं। समाज में विवाह को बहुत सम्मान दिया जाता है क्योंकि यह सिर्फ पति-पत्नी को ही नहीं बल्कि उनके दोनों परिवारों को भी एकसाथ जोड़कर रखता है। विवाह के दिन पति-पत्नी एक-दूसरे का सात जन्मों तक साथ निभाने का वचन देते हैं और एक-दूसरे के प्रति समर्पित रहते हैं। यदि विवाह संस्कार शुभ मुहूर्त में किया जाए, तो पति-पत्नी के द्वारा अपने वचनों और कर्त्तव्यों को पूरा कर पाने की संभावना बढ़ जाती है।
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आज इस विशेष लेख के ज़रिए हम आपको 2025 विवाह मुहूर्त के बारे में बता रहे हैं। इसमें आपको साल 2025 में पड़ने वाली विवाह मुहूर्त की सभी महत्वपूर्ण और शुभ तिथियों की जानकारी मिलेगी। अगर आप वर्ष 2025 में विवाह करने की सोच रहे हैं या आपके घर-परिवार में कोई विवाह योग्य है और वर्ष 2025 में उनके विवाह की बात चल रही है, तो 2025 विवाह मुहूर्त का यह विशेष लेख आपके लिए बहुत उपयोगी साबित होने वाला है।
जब वर-वधू का विवाह उनकी जम्म कुंडली का मिलान एवं विश्लेषण करने के बाद तय किया जाता है, तो इससे उनके वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आने की संभावना बढ़ जाती है। 2025 विवाह मुहूर्त के अनुसार शुभ मुहूर्त निकालने पर पति-पत्नी को अपने संबंध में सकारात्मकता महसूस होती है और उनके बीच क्लेश कम रहता है। शास्त्रों में भी यही नियम बनाया गया है कि वर-वधू का विवाह शुभ मुहूर्त एवं तिथि पर ही होना चाहिए।
आजकल आधुनिक ज़माने के चक्कर में लोग ज्योतिषी से अपने मनमुताबिक तिथि निकलवा लेते हैं और बाद में उन्हें अपनी शादीशुदा जिंदगी में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यदि आप अपने दांपत्य जीवन को क्लेश मुक्त और खुशहाल रखना चाहते हैं, तो किसी अनुभवी ज्योतिषी से कुंडली मिलान के बाद निकाले गए शुभ मुहूर्त एवं तिथि पर ही विवाह संस्कार संपन्न करें।
2025 विवाह मुहूर्त के माध्यम से आपको वर्ष 2025 के 12 महीनों में पड़ने वाली विवाह की शुभ तिथियां एवं मुहूर्त के बारे में बताया गया है। इस सूची की सहायता से आप जान सकते हैं कि वर्ष 2025 में विवाह संस्कार के लिए शुभ मुहूर्त क्या हैं और साल के किस महीने में शादी करने से आपका वैवाहिक जीवन सुखी बन सकता है।
|
विवाह मुहूर्त तिथि |
नक्षत्र |
तिथि |
समय |
|
17 जनवरी, शुक्रवार |
मघा |
चतुर्थी |
07:14 से 12:44 |
|
18 जनवरी, शनिवार |
उत्तराफाल्गुनी |
पंचमी |
14:51 से 25:16 |
|
19 जनवरी, रविवार |
हस्त |
षष्ठी |
25:57 से 31:14 |
|
21 जनवरी, मंगलवार |
स्वाति |
अष्टमी |
23:36 से 27:49 |
|
24 जनवरी, शुक्रवार |
अनुराधा |
एकादशी |
19:24 से 31:07 |
|
विवाह मुहूर्त तिथि |
नक्षत्र |
तिथि |
समय |
|
02 फरवरी, रविवार |
उत्तराभाद्रपद, रेवती |
पंचमी |
09:13 से 31:09 |
|
03 फरवरी, सोमवार |
रेवती |
षष्ठी |
07:09 से 17:40 |
|
12 फरवरी, बुधवार |
मघा |
प्रतिपदा |
25:58 से 31:04 |
|
14 फरवरी, शुक्रवार |
उत्तराफाल्गुनी |
तृतीया |
23:09 से 31:03 |
|
15 फरवरी, शनिवार |
उत्तराफाल्गुनी, हस्त |
चतुर्थी |
23:51 से 31:02 |
|
18 फरवरी, मंगलवार |
स्वाति |
षष्ठी |
09:52 से 31:00 |
|
23 फरवरी, रविवार |
मूल |
एकादशी |
13:55 से 18:42 |
|
25 फरवरी, मंगलवार |
उत्तराषाढ़ा |
द्वादशी और त्रयोदशी |
08:15 से 18:30 |
|
विवाह मुहूर्त तिथि |
नक्षत्र |
तिथि |
समय |
|
01 मार्च, शनिवार |
उत्तराभाद्रपद |
द्वितीया और तृतीया |
11:22 से 30:51 |
|
02 मार्च, रविवार |
उत्तराभाद्रपद, रेवती |
तृतीया और चतुर्थी |
06:51 से 25:13 |
|
05 मार्च, बुधवार |
रोहिणी |
सप्तमी |
25:08 से 30:47 |
|
06 मार्च, गुरुवार |
रोहिणी |
सप्तमी |
06:47 से 10:50 |
|
06 मार्च, गुरुवार |
रोहिणी, मृगशिरा |
अष्टमी |
22:00 से 30:46 |
|
07 मार्च, शुक्रवार |
मृगशिरा |
अष्टमी और नवमी |
06:46 से 23:31 |
|
12 मार्च, बुधवार |
मघा |
चतुर्दशी |
08:42 से 28:05 |
|
विवाह मुहूर्त तिथि |
नक्षत्र |
तिथि |
समय |
|
14 अप्रैल, सोमवार |
स्वाति |
प्रतिपदा और द्वितीया |
06:10 से 24:13 |
|
16 अप्रैल, बुधवार |
अनुराधा |
चतुर्थी |
24:18 से 29:54 |
|
18 अप्रैल, शुक्रवार |
मूल |
षष्ठी |
25:03 से 30:06 |
|
19 अप्रैल, शुक्रवार |
मूल |
षष्ठी |
06:06 से 10:20 |
|
20 अप्रैल, शुक्रवार |
उत्तराषाढ़ा |
सप्तमी और अष्टमी |
11:48 से 30:04 |
|
21 अप्रैल, सोमवार |
उत्तराषाढ़ा |
अष्टमी |
06:04 से 12:36 |
|
29 अप्रैल, मंगलवार |
रोहिणी |
तृतीया |
18:46 से 29:58 |
|
30 अप्रैल, बुधवार |
रोहिणी |
तृतीया |
05:58 से 12:01 |
|
विवाह मुहूर्त तिथि |
नक्षत्र |
तिथि |
समय |
|
05 मई, सोमवार |
मघा |
नवमी |
20:28 से 29:54 |
|
06 मई, मंगलवार |
मघा |
नवमी और दशमी |
05:54 से 15:51 |
|
08 मई, गुरुवार |
उत्तराफाल्गुनी, हस्त |
द्वादशी |
12:28 से 29:5 |
|
09 मई, शुक्रवार |
हस्त |
द्वादशी और त्रयोदशी |
05:52 से 24:08 |
|
14 मई, बुधवार |
अनुराधा |
द्वितीया |
06:34 से 11:46 |
|
16 मई, शुक्रवार |
मूल |
चतुर्थी |
05:49 से 16:07 |
|
17 मई, शनिवार |
उत्तराषाढ़ा |
पंचमी |
17:43 से 29:48 |
|
18 मई, रविवार |
उत्तराषाढ़ा |
षष्ठी |
05:48 से 18:52 |
|
22 मई, गुरुवार |
उत्तराभाद्रपद |
एकादशी |
25:11 से 29:46 |
|
23 मई, शुक्रवार |
उत्तराभाद्रपद, रेवती |
एकादशी और द्वादशी |
05:46 से 29:46 |
|
27 मई, मंगलवार |
रोहिणी, मृगशिरा |
प्रतिपदा |
18:44 से 29:45 |
|
28 मई, बुधवार |
मृगशिरा |
द्वितीया |
05:45 से 19:08 |
|
विवाह मुहूर्त तिथि |
नक्षत्र |
तिथि |
समय |
|
02 जून, सोमवार |
मघा |
सप्तमी |
08:20 से 20:34 |
|
03 जून, मंगलवार |
उत्तराफाल्गुनी |
नवमी |
24:58 से 29:44 |
|
04 जून, बुधवार |
उत्तराफाल्गुनी, हस्त |
नवमी और दशमी |
05:44 से 29:44 |
इस माह में विवाह करने के लिए कोई शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।
इस माह में विवाह करने के लिए कोई शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।
इस माह में विवाह करने के लिए कोई शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।
इस माह में विवाह करने के लिए कोई शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।
|
विवाह मुहूर्त तिथि |
नक्षत्र |
तिथि |
समय |
|
02 नवंबर, रविवार |
उत्तराभाद्रपद |
द्वादशी और त्रयोदशी |
23:10 से 30:36 |
|
03 नवंबर, सोमवार |
उत्तराभाद्रपद, रेवती |
त्रयोदशी और चतुर्दशी |
06:36 से 30:37 |
|
08 नवंबर, शनिवार |
मृगशिरा |
चतुर्थी |
07:31 से 22:01 |
|
12 नवंबर, बुधवार |
मघा |
नवमी |
24:50 से 30:43 |
|
15 नवंबर, शनिवार |
उत्तराफाल्गुनी, हस्त |
एकादशी और द्वादशी |
06:44 से 30:45 |
|
16 नवंबर, रविवार |
हस्त |
द्वादशी |
06:45 से 26:10 |
|
22 नवंबर, शनिवार |
मूल |
तृतीया |
23:26 से 30:49 |
|
23 नवंबर, रविवार |
मूल |
तृतीया |
06:49 से 12:08 |
|
25 नवंबर, मंगलवार |
उत्तराषाढ़ा |
पंचमी और षष्ठी |
12:49 से 23:57 |
इस माह में विवाह करने के लिए कोई शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।
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2025 विवाह मुहूर्त के अंतर्गत पुरुष और स्त्री के विवाह की तिथि एवं मुहूर्त जानने के लिए सबसे पहले उन दोनों की कुंडली का मिलान किया जाता है। इसके बाद ही विवाह का मुहूर्त तय किया जाता है। ज्योतिषी लड़के और लड़की की जन्म कुंडली का मिलान करने के बाद सबसे शुभ विवाह लग्न मुहूर्त की गणना करते हैं और इससे कई तिथियां निकलती हैं जिनमें से किसी एक तिथि पर विवाह संपन्न किया जा सकता है।
ज्योतिषी वर-वधू की कुंडली में 36 गुणों का मिलान करते हैं। इन गुणों के मिलान पर ही यह पता चलता है कि शादी के बाद पति-पत्नी का जीवन कैसा रहेगा। विवाह के लिए लड़के और लड़की के 36 में से कम से कम 18 गुण जरूर मिलने चाहिए।
36 में 18 से लेकर 25 गुण मिल जाएं, तो इस मेल को सामान्य माना जाता है। 25 से 32 गुणों का मिलना उत्तम होता है और 32 से 36 गुणों का मिलना सवोत्तम होता है। हालांकि, बहुत ही कम लोगों के 32 से 36 गुण मिल पाते हैं। शास्त्रों के अनुसार जिन लोगों के गुण अधिक मिलते हैं, उनका वैवाहिक जीवन अधिक खुशहाल रहता है।
विवाह के अनुष्ठान एवं रीति-रिवाज़ के लिए दैनिक पंचांग के अनुसार चौघड़िया समय का उपयोग किया जा सकता है। विवाह के लिए शुभ मुहूर्त जानने में पंचांग और कुंडली अहम भूमिका निभाते हैं। पंडित जी नक्षत्र में चंद्रमा की स्थिति का विश्लेषण करते हैं और इसमें मुहूर्त ज्ञात करने के लिए वर-वधू की जन्मकुंडली का होना भी आवश्यक है। वर-वधू की जन्म की तारीख के अनुसार विवाह के लिए शुभ मुहूर्त निकालने से दांपत्य जीवन खुशहाल रहता है।
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यदि कोई व्यक्ति शुभ मुहूर्त या तिथि पर विवाह नहीं करता है, तो ज्योतिषशास्त्र के अनुसार उसे अपने वैवाहिक जीवन में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
ऐसे में पति-पत्नी के बीच क्लेश रहता है और दोनों का एक-दूसरे के साथ तालमेल बिगड़ सकता है। इसके अलावा पति-पत्नी के बीच आपसी समझ भी नगण्य रह सकती है।
हिंदू धर्म में विवाह संस्कार के लिए कुछ विशेष नक्षत्रों, तिथियों एवं योग को शुभ माना गया है। आगे जानिए कि 2025 विवाह मुहूर्त के लिए कौन-से नक्षत्र, तिथि, मुहूर्त और दिन एवं योग शुभ होते हैं।
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हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा ये लेख जरूर पसंद आया होगा। ऐसे ही और भी लेख के लिए बने रहिए एस्ट्रोकैंप के साथ। धन्यवाद !
1. वर्ष 2025 में शादी का शुभ मुहूर्त कब है?
जनवरी से लेकर जून 2025 तक विवाह के अनेक मुहूर्त हैं।
2. अप्रैल 2025 में कितने लगन है?
वर्ष 2025 के अप्रैल में विवाह के 8 मुहूर्त उपलब्ध हैं।
3. क्या अक्षय तृतीया शादी के लिए शुभ दिन होता है?
अक्षय तृतीया का दिन शादी-विवाह के लिए शुभ माना जाता है क्योंकि इस दिन अबूझ मुहूर्त होता है।
4. 2025 में कब विवाह का मुहूर्त नहीं है?
इस साल जुलाई से लेकर अक्टूबर तक विवाह का कोई मुहूर्त नहीं है।
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