Author: Vijay Pathak | Last Updated: Thu 5 Nov 2026 2:39:18 PM
केतु एक छाया ग्रह है। हमारे प्राचीन ज्योतिषाचार्यों ने राहु और केतु को छाया ग्रह कहा है, क्योंकि खगोलीय दृष्टि से इनका कोई वास्तविक आकार या द्रव्यमान नहीं है, जैसा कि सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों का होता है। ये दोनों वे बिंदु हैं जहां चंद्रमा की कक्षा सूर्य के मार्ग को काटती है। इन्हें ग्रहों के नोड्स कहा जाता है और ये एक-दूसरे से ठीक 180 डिग्री की दूरी पर स्थित होते हैं। उत्तरी नोड को राहु और दक्षिणी नोड को केतु कहा जाता है। राहु और केतु राशि चक्र में उल्टी दिशा में चलते हैं। माना जाता है कि ये दोनों लगभग डेढ़ साल तक एक ही राशि में रहते हैं।
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हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक ही शरीर के इन दोनों हिस्सों को अलग-अलग रूपों में दर्शाया गया है। समुद्र मंथन के बाद एक पौराणिक कथा के अनुसार, उसमें से दिव्य हाथी, घोड़ा, वैद्य, धन की देवी मां लक्ष्मी और अमृत कलश लिए भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए। अमृत के बंटवारे को लेकर देवताओं और असुरों के बीच विवाद हो गया। तब भगवान विष्णु ने अप्सरा मोहिनी का रूप धारण किया और दोनों पक्षों की सहमति से अमृत बांटने की जिम्मेदारी संभाली।
स्वर्भानु नाम का एक असुर चुपके से देवताओं की पंक्ति में बैठ गया और अमृत पाने में सफल रहा। लेकिन सूर्य देव और चंद्र देव ने उसे पहचान लिया और उसकी असलियत सबके सामने ला दी। तब तक देवता अमृत पी चुके थे। उसी समय भगवान विष्णु ने स्वर्भानु का सिर काटकर उसके शरीर को दो हिस्सों में बांट दिया। लेकिन अमृत की कुछ बूंदें पी लेने के कारण शरीर से अलग होने के बाद भी उसके दोनों हिस्से जीवित रहे। उसके सिर को राहु और धड़ को केतु नाम दिया गया।
इसी घटना के बाद सूर्य और चंद्रमा राहु-केतु के शत्रु बन गए। इस शत्रुता के कारण राहु और केतु समय-समय पर सूर्य और चंद्रमा को निगलने का प्रयास करते हैं। इसी घटना को ग्रहण कहा जाता है। हालांकि, सूर्य और चंद्रमा फिर से बाहर निकल आते हैं, क्योंकि राहु और केतु अमर हैं।
केतु गोचर सबसे महत्वपूर्ण ग्रह गोचरों में से एक है, क्योंकि केतु लगभग 18 महीने तक एक ही राशि में रहता है। राशि चक्र का एक पूरा चक्कर लगाने में इसे करीब 18 साल लगते हैं। वर्ष 2027 में केतु 5 दिसंबर 2026 तक सिंह राशि में रहेगा। इसके बाद 5 दिसंबर 2026 के बाद यह कर्क राशि में प्रवेश करेगा।
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कर्क राशि मन, यात्रा, भोजन और जल का प्रतिनिधित्व करती है। यह जीवन में सुख-सुविधाओं और माता का भी कारक है, क्योंकि कालपुरुष कुंडली में यह पांचवें भाव की स्वाभाविक राशि है। अब केतु इस राशि में गोचर करने जा रहा है। कर्क राशि की ऊर्जा केतु की प्रकृति से बिल्कुल अलग है। केतु का संबंध मोह से दूर होने, भौतिक सुखों और इच्छाओं का त्याग करने तथा एकांत में रहने से है। केतु आध्यात्मिकता, ध्यान और गूढ़ विद्याओं का कारक भी है।
कर्क राशि में केतु सहज महसूस नहीं करता, क्योंकि यह राशि जिन चीजों का प्रतिनिधित्व करती है, केतु उनसे दूरी बनाने की प्रवृत्ति रखता है। ऐसे में जातक को केतु की ऊर्जा का अनुभव हो सकता है।
इस गोचर के दौरान केतु लोगों के अहंकार को तोड़ सकता है और नेताओं या अधिकार के पद पर बैठे लोगों के नेतृत्व कौशल की परीक्षा ले सकता है। दुनिया भर के राजघरानों के लिए कर्क राशि में केतु का गोचर अनुकूल नहीं माना जा रहा है। इस दौरान उनके बीच विवाद, अशांति या बंटवारे जैसी स्थितियां देखने को मिल सकती हैं।
यहां दी गई भविष्यवाणियां इस बात का सामान्य अनुमान हैं कि केतु का यह गोचर आपकी राशि को किस तरह प्रभावित कर सकता है। आगे बढ़ने से पहले यह समझना जरूरी है कि ये सामान्य ज्योतिषीय आकलन हैं। अधिक सटीक भविष्यफल जानने के लिए किसी ज्योतिषी से अपनी व्यक्तिगत कुंडली का विश्लेषण करवाएं।
मेष राशि के जातकों के चौथे भाव में केतु 5 दिसंबर 2026 के बाद कर्क राशि में गोचर करेगा। इस साल यहां केतु की उपस्थिति के कारण आप पढ़ाई, माता और रिश्तों जैसी चीजों से भावनात्मक रूप से दूरी महसूस कर सकते हैं।
आपके प्रेम संबंधों की भी परीक्षा हो सकती है। यदि आप अपने रिश्ते को लेकर गंभीर हैं, तो आप अपने साथी के साथ एक गहरा और आध्यात्मिक जुड़ाव बना पाएंगे। लेकिन यदि आप रिश्ते के प्रति ईमानदार और गंभीर नहीं हैं, तो आपको अपने साथी का विश्वास और सहयोग पाने में परेशानी हो सकती है।
इस दौरान आपका झुकाव आध्यात्मिकता और धार्मिक शिक्षा की ओर भी बढ़ सकता है।
उपाय: रोजाना 27 बार “ॐ केतवे नमः” मंत्र का जाप करें।
वृषभ राशि के जातकों के तीसरे भाव में केतु 5 दिसंबर 2026 के बाद प्रवेश करेगा। इस दौरान आपको भाई-बहनों के साथ कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और आपकी तरक्की में देरी हो सकती है।
ऐसी संभावना है कि आपको अपना घर या देश छोड़कर किसी बेहतर जगह या अनजान स्थान पर जाना पड़े। ऐसा अधिकतर काम और करियर के कारण हो सकता है। हालांकि, कभी-कभी परिवार में बंटवारे या अलगाव के कारण भी ऐसी स्थिति बन सकती है। इसके अलावा, कुछ अन्य परेशानियों के चलते संपत्ति से जुड़े विवाद भी सामने आ सकते हैं।
वर्ष 2027 के इस केतु गोचर के दौरान आपकी माता की सेहत बिगड़ सकती है। उनके साथ आपके रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं और उनके साथ मतभेद भी हो सकते हैं। आप उनसे भावनात्मक दूरी महसूस कर सकते हैं और ऐसी स्थिति में पड़ सकते हैं जहां आपके लिए न तो उनके साथ रहना आसान होगा और न ही उनसे दूर जाना।
यह समय कोई नई संपत्ति या वाहन खरीदने के लिए भी अनुकूल नहीं है। भले ही आपको कोई आकर्षक सौदा मिले, फिर भी ऐसा फैसला लेने से बचें। इस गोचर के कारण अनिश्चितता, अचानक होने वाली घटनाएं, नुकसान और खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है।
इस दौरान आपका पूरा ध्यान काम और करियर पर रह सकता है, जबकि घर और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर आपका ध्यान कम हो सकता है। इससे आपके जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसलिए काम और परिवार, दोनों के बीच संतुलन बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
उपाय: मंगलवार के दिन महिलाओं को भोजन दान करें।
मिथुन राशि के जातकों के लिए आने वाले साल की पहली छमाही में दूसरे भाव में केतु का गोचर आध्यात्मिक विषयों पर आपकी वाणी को बेहतर बनाने और काउंसलिंग के माध्यम से लाभ पाने में मददगार साबित हो सकता है।
हालांकि, इसके नकारात्मक पक्ष की बात करें तो यह गोचर आपकी बातचीत करने की क्षमता में परेशानी पैदा कर सकता है। आप कम बोलने और अधिक ध्यान से चीजों को देखने-समझने की आदत भी विकसित कर सकते हैं।
आप अपने चचेरे भाई-बहनों या छोटे भाई-बहनों से दूरी महसूस कर सकते हैं। यदि आप उनसे अधिक बातचीत करते हैं, तो इस दौरान बहस और कहासुनी होने की आशंका भी है।
इस समय यात्रा से आपको अधिक लाभ मिल सकता है और आपका झुकाव यात्रा करने की ओर बढ़ सकता है। बातचीत कम करने, गुस्सा बढ़ने और व्यवहार में बदलाव आने के कारण आपके वैवाहिक जीवन में भी परेशानियां पैदा हो सकती हैं।
उपाय: बुधवार के दिन केतु ग्रह के लिए यज्ञ-हवन करवाएं।
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कर्क राशि के जातकों के पहले भाव में केतु का गोचर होगा। इसके कारण आपको आर्थिक मामलों में परेशानियां हो सकती हैं, क्योंकि आपकी बचत करने में रुचि कम हो सकती है। आपको स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है।
इस दौरान आप बड़े आर्थिक फैसले लेने की स्थिति में नहीं होंगे। यदि आप कोई बड़ा फैसला लेते हैं, तो आपको कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं।
पहले भाव में केतु की उपस्थिति के कारण आप अपने परिवार से भावनात्मक दूरी महसूस कर सकते हैं। आपकी वाणी कठोर हो सकती है, जिससे दूसरों को लग सकता है कि आप उनके साथ रूखा व्यवहार कर रहे हैं।
रिश्तों में भी उतार-चढ़ाव आ सकते हैं, जो आपको परेशान कर सकते हैं। वर्ष 2027 के इस केतु गोचर के दौरान आपके खर्च बढ़ सकते हैं। यदि आप कोई बड़ी योजना बनाते हैं, तो उसके सफल होने की संभावना कम हो सकती है।
उपाय: रोजाना 43 बार “ॐ गणेशाय नमः” मंत्र का जाप करें।
सिंह राशि के जातकों के बारहवें भाव में वर्ष 2027 में केतु का गोचर होगा। इस दौरान आपको पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
इस गोचर के कारण आपकी लग्जरी और सुख-सुविधाओं में रुचि कम हो सकती है और आपका झुकाव सादा जीवन जीने की ओर बढ़ सकता है। सकारात्मक पक्ष की बात करें तो आप अधिक धार्मिक हो सकते हैं और आध्यात्मिक या धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। गूढ़ विद्याओं के प्रति भी आपकी खास रुचि विकसित हो सकती है।
स्वास्थ्य के मामले में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। शरीर में रूखापन और इससे जुड़ी अन्य समस्याएं हो सकती हैं। आपके वैवाहिक जीवन में भी कुछ परेशानियां आ सकती हैं। जीवनसाथी के साथ रिश्ते में तनाव या मतभेद हो सकते हैं और आपको तालमेल बैठाने की जरूरत पड़ सकती है।
इस दौरान आपको छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ सकता है और आप जल्दी अपना आपा खो सकते हैं। इस तरह के तनाव और गुस्से के कारण आपकी सेहत पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
उपाय: रविवार के दिन बुजुर्गों को भोजन दान करें।
वर्ष 2027 में कन्या राशि के जातकों के ग्यारहवें भाव में केतु का गोचर होगा। ग्यारहवां भाव धन लाभ, मित्रों के समूह, इच्छाओं और बड़े भाई-बहनों आदि से जुड़ा होता है।
इस दौरान आपको कुछ हद तक आर्थिक लाभ हो सकता है, लेकिन बड़े भाई-बहनों की ओर से रुकावटें भी आ सकती हैं। हालांकि, आपकी महादशा अनुकूल होने पर यहां केतु की उपस्थिति आपको आर्थिक मामलों में लाभ दे सकती है।
आपकी आर्थिक इच्छाएं सीमित रह सकती हैं। लेकिन यदि आपको अधिक खर्च करने की आदत है, तो वर्ष 2027 के इस केतु गोचर के दौरान आपको पैसों की असली कीमत समझ में आ सकती है। इस दौरान आर्थिक तंगी का सामना करने की भी प्रबल आशंका है।
इसलिए आपको किसी भी तरह का आर्थिक जोखिम लेने या कोई बड़ा फैसला करने से बचना चाहिए। फिलहाल आपके पास जो पैसा है, उसे निवेश करने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें। इस दौरान बड़े भाई-बहनों के साथ आपके रिश्ते भी खराब हो सकते हैं।
अंत में, आप अधिक पैसा कमाने में सफल हो सकते हैं, लेकिन उसे बचाकर रख पाना आपके लिए मुश्किल हो सकता है।
उपाय: शुक्रवार के दिन बीमार लोगों को भोजन दान करें।
तुला राशि के जातकों के दसवें भाव में केतु का गोचर होगा। दसवां भाव आपके पेशे और करियर से जुड़ा होता है। इसके परिणामस्वरूप आपको करियर में लाभ मिल सकता है और कई नए अवसरों के साथ अलग-अलग प्रोजेक्ट मिल सकते हैं। आप अपने करियर और उससे जुड़े कामों में अधिक सफलता हासिल कर सकते हैं।
वर्ष 2027 के इस केतु गोचर के दौरान आपको काम के सिलसिले में विदेश यात्रा करने का मौका भी मिल सकता है। हालांकि, आपको सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि काम के दौरान आपसे गलतियां हो सकती हैं और इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
इस बात की भी प्रबल संभावना है कि काम के कारण आपको दूसरे देशों की यात्रा करनी पड़े। यहां यह याद रखना जरूरी है कि केतु निराशा से जुड़ा ग्रह है। इसलिए करियर में तरक्की मिलने या काम की प्रकृति को लेकर भी आप पूरी तरह संतुष्ट महसूस नहीं कर पाएंगे।
इसके अलावा, घर में कुछ रहस्यमयी या आध्यात्मिक अनुभव हो सकते हैं। ऐसे में नियमित पूजा-पाठ और प्रार्थना करना आपके लिए जरूरी रहेगा।
उपाय: भगवान गणेश की पूजा करें और उनकी मूर्ति अपने कार्यस्थल पर रखें।
वृश्चिक राशि के जातकों के नौवें भाव में कर्क राशि में केतु का गोचर होगा। नौवें भाव में केतु की उपस्थिति के कारण आपका झुकाव आध्यात्मिकता की ओर काफी बढ़ सकता है। आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी भागीदारी बढ़ने से आपको मानसिक मजबूती मिल सकती है।
इस दौरान आपको अपने पिता की सेहत का भी ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि नौवें भाव में केतु की उपस्थिति के कारण उनके स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं।
आप अधिक आध्यात्मिक और ईश्वर के प्रति समर्पित हो सकते हैं। इससे आपको मन की शांति मिल सकती है और जीवन के अर्थ तथा उसके उद्देश्य को समझने में मदद मिल सकती है।
इस दौरान आप मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थानों की यात्रा भी कर सकते हैं, जिससे आपको मानसिक शांति मिलेगी। आध्यात्मिक विषयों में बढ़ती रुचि आपको अंदर से अधिक मजबूत बना सकती है।
वर्ष 2027 के इस केतु गोचर के दौरान आपको अपने पिता की सेहत का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि उनके स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ सकता है।
उपाय: मंगलवार के दिन गरीब साधुओं को भोजन दान करें।
धनु राशि के जातकों के आठवें भाव में कर्क राशि में केतु का गोचर होगा। आठवें भाव में केतु की उपस्थिति के कारण आपको पारिवारिक मूल्यों का ध्यान रखना पड़ सकता है।
इस दौरान आपको परिवार में कुछ तालमेल बैठाने की जरूरत पड़ सकती है। खासतौर पर जीवनसाथी और अपने करीबियों के साथ रिश्तों को संभालने के लिए आपको समझौते करने पड़ सकते हैं।
वर्ष 2027 के इस केतु गोचर के दौरान अचानक खर्च सामने आ सकते हैं, जिससे आर्थिक परेशानियां और पैसों से जुड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। इस समय अधिक पैसा कमाने के मामले में भी आपको स्थिरता की कमी महसूस हो सकती है।
हालांकि, आठवें भाव में केतु की उपस्थिति के कारण आपको विरासत या किसी अन्य अप्रत्याशित स्रोत से धन लाभ हो सकता है।
इस दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं, जिसके कारण आपके खर्च और बढ़ सकते हैं। आपको पूरे गोचर के दौरान अपने करीबियों के साथ तालमेल बैठाकर चलना होगा।
इसके अलावा, अपने मुंह और दांतों की सेहत का भी ध्यान रखें। दांतों से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज करना आपके लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
उपाय: रोजाना 43 बार “ॐ गणेशाय नमः” मंत्र का जाप करें।
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मकर राशि के जातकों के सातवें भाव में केतु की यह स्थिति सामान्य रूप से अनुकूल नहीं मानी जाती है। इस दौरान आपके वैवाहिक जीवन और जीवनसाथी के साथ रिश्तों में परेशानियां आ सकती हैं। यदि आपकी शादी नहीं हुई है, तो विवाह होने में भी रुकावटें आ सकती हैं।
जीवनसाथी के साथ रोजाना किसी न किसी बात पर मतभेद या गलतफहमी हो सकती है। इन परेशानियों के कारण आपको अपने साथी के साथ तालमेल बैठाने की जरूरत पड़ सकती है। वर्ष 2027 के इस केतु गोचर के दौरान ऐसा करना आपके लिए जरूरी रहेगा।
सातवें भाव में केतु की उपस्थिति के कारण आप अपने जीवनसाथी के साथ भावनात्मक जुड़ाव की कमी भी महसूस कर सकते हैं। इस स्थिति को संभालना पूरे गोचर के दौरान आपके लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
करियर के मोर्चे पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपके रिश्तों में परेशानी आ सकती है। यदि आप व्यापार करते हैं, तो बिजनेस पार्टनर के साथ भी मतभेद हो सकते हैं। इसके कारण आपको अधिक मुनाफा कमाने के अवसर कम मिल सकते हैं। बल्कि लाभ के बजाय नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, इस दौरान आपको अपने वैवाहिक जीवन में काफी तालमेल बैठाने की जरूरत होगी।
उपाय: मंगलवार के दिन दिव्यांग लोगों को भोजन दान करें।
कुंभ राशि के जातकों के छठे भाव में केतु की उपस्थिति आपको अपने मजबूत प्रयासों के दम पर हर क्षेत्र में सफलता दिला सकती है। वर्ष 2027 के इस गोचर के दौरान इस भाव में केतु रहने से आपके अंदर अच्छा संकल्प और दृढ़ इच्छाशक्ति देखने को मिल सकती है।
हालांकि, इस स्थिति के कारण अधिक खर्च होने से आप पर कर्ज भी बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में आपको लोन लेने की जरूरत पड़ सकती है। आगे किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए आपको अपने खर्चों और आर्थिक योजनाओं पर अधिक ध्यान देना होगा।
वर्ष 2027 के इस केतु गोचर के दौरान रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने और शरीर की बीमारियों से लड़ने की ताकत घटने के कारण पाचन संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।
उपाय: मंगलवार के दिन दिव्यांग लोगों के लिए दान-पुण्य करें।
मीन राशि के जातकों के लिए आने वाले साल की पहली छमाही में वर्ष 2027 के दौरान कर्क राशि के पांचवें भाव में केतु का गोचर होगा।
पांचवें भाव में केतु की उपस्थिति आपको अपने मजबूत प्रयासों के दम पर हर क्षेत्र में सफलता दिला सकती है। आप अधिक आध्यात्मिक हो सकते हैं और आपकी अंतर्ज्ञान शक्ति मजबूत हो सकती है। अपनी इस विशेष क्षमता के कारण आप दूसरों की क्षमता और स्वभाव को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे।
आपको अपनी संतान के विकास और भविष्य को लेकर चिंता हो सकती है। इसके अलावा, आध्यात्मिक उद्देश्यों से आपकी यात्राएं भी बढ़ सकती हैं।
उपाय: रोजाना 41 बार “ॐ बृहस्पतये नमः” मंत्र का जाप करें।
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1. वर्ष 2027 में केतु किस राशि में गोचर करेगा?
वर्ष 2027 में केतु कर्क राशि में गोचर करेगा।
2. 2027 केतु गोचर से किन राशियों पर विशेष प्रभाव पड़ सकता है?
वृषभ, वृश्चिक, मकर और मीन राशि के जातकों पर केतु गोचर का विशेष प्रभाव देखने को मिल सकता है।
3. 2027 केतु गोचर के दौरान कौन-सा उपाय करना चाहिए?
रोजाना 21 बार “ॐ केतवे नमः” मंत्र का जाप करें और नियमित रूप से भगवान गणेश की पूजा करें।
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